अगर आप हरी पत्तेदार सब्जियां खाने के शौकीन हैं तो आप आंतों की हर
समस्या से बचे रहेंगे. हाल ही में हुई एक स्टडी की रिपोर्ट में सामने आया
है कि गोभी या ब्रोकली जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां खाने से आंत स्वस्थ रहते
हैं और आंतों के कैंसर से बचाव होता है. यह शोध इम्युनिटी नाम के जर्नल
में प्रकाशित किया गया है.
चूहों पर की गई इस स्टडी से पता चला कि जिन्हें इन्डोल 3 कार्बिनोल
(आई3सी) युक्त आहार दिया गया, उनमें आंत में सूजन या आंतों के कैंसर से
बचाव हुआ. गोभी और ब्रोकली
में भी आई3सी पाया जाता है, जो एक एक्रियल हाइडोकार्बन रिसेप्टर (एएचआर)
नाम के प्रोटीन को सक्रिय करता है, जिससे आंतों के कैंसर से बचाव होता है.
एएचआर एक पर्यावरणीय सेंसर के रूप में काम करता है तथा प्रतिरक्षा थंत्र
और आंतों की एपिथिलिएल कोशिकाओं को संकेत देता है कि सूजन से बचाव करने की
कोशिश करें और आंत में पाए जाने वाले खरबों बैक्टीरिया से प्रतिरक्षा प्रदान करता है.
स्टडी की प्रमुख ब्रिटेन के फ्रांसिस क्रिक इंस्टीट्यूट की अमीना मेतीजी
का कहना है, जब कैंसर ग्रस्त चूहों को आई3सी से भरपूर डायट खिलाया गया, तो
उनमें ट्यूमर की संख्या में कमी देखी गई. उन्नाव में हुए गैंगरेप में पीड़ित के पिता की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से
बेहद खौफनाक खुलासे हुए हैं. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक पीड़ित के
पिता को बुरी तरह पीटा गया था. इस रिपोर्ट में उनके शरीर के 14 जगहों पर
गंभीर चोट के निशान बताए गए हैं. चोट की वजह से अंदर के कुछ अंग फट गए थे,
जिससे खून का रिसाव होने लगा और सेप्टीसीमिया की वजह से पीड़ित के पिता की
मौत हो गई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर का शायद ही कोई हिस्सा होगा, जहां
चोट ना हो. सितंबर महीना शुरू हो चुका है. सितंबर महीने की शुरुआत से ही आपके लिए कुछ
चीजें महंगी हुई हैं, तो कुछ नियम भी बदले हैं. आगे जानें ऐसी ही 5 चीजों
के बारे में. भारतीय रेलवे ने एक सितंबर से फ्री में दिए जाने वाले ट्रैवल इंश्योरेंस को
वैकल्पिक कर दिया है. इसका मतलब यह है कि एक तारीख से अगर आप इस ट्रैवल
इंश्योरेंस का फायदा उठाना चाहते हैं, तो आपको खु
1 सितंबर को इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की 650 शाखाओं पर काम शुरू हो गया
है. इसका मतलब है कि अब आप इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की शाखा में जाकर भी
खाता खुलवा सकते हैं. (सभी फोटो प्रतीकात्मक) द ही इसे चुनन होगा. दरअसल पहले आपको ये ट्रैवल इंश्योरेंस टिकट लेने के साथ ही मिल जाता था.
लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. इसका फायदा उठाने के लिए आपको इसे सेलेक्ट करना होगा. एक तारीख से लॉन्ग टर्म थर्ड पार्टी इंश्योरेंस का नियम भी लागू हो चुका
है. इसका मतलब है कि अब आप जो भी थर्ड पार्टी इंश्योरेंस लेंगे. बीमा
कंपनियां अब कारों की खातिर 3 साल का और टू-व्हीलर की खातिर 5 साल का
इंश्योरेंस कवर मुहैया कराएंगी. इससे आपके लिए नई कार और बाइक खरीदना महंगी
हो जांएगी. एक सितंबर से आपके लिए रसोई गैस खरीदना भी महंगा हो गया है. शनिवार से आपको
सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर के लिए दिल्ली में 1.49 रुपये ज्यादा
चुकाने होंगे. इसके साथ यह 499.51 रुपये प्रति सिलेंडर हो गया है. बता दें
कि फिलहाल दिल्ली में बिना सब्सिडी वाला सिलेंडर 789.50 रुपये का मिल रहा
है. भारतीय स्टेट बैंक ने इस महीने की शुरुआत में ही आपको झटका दिया है. एसबीआई
ने दो सितंबर को एमसीएलआर रेट में 0.2 फीसदी की बढ़ोत्तरी कर दी है. इसके
बाद बैंक से आपके लिए ऑटो, होम लोन व कुछ अन्य तरह के लोन लेना महंगा हो
जाएगा. ये दरें शनिवार से ही लागू हो गई हैं.
अभी तक आप ने यूट्यूब के बारे में सुना होगा, जहां आप वीडियोज अपलोड करते
हैं. कुछ शर्तें पूरी करने के बाद इन वीडियोज पर यूट्यूब आपको पैसे देता
है. कुछ ऐसी ही सेवा सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने शुरू की है. फेसबुक ने पिछले हफ्ते एड ब्रेक्स नाम के इस प्रोग्राम को 5 मार्केट के लिए
लॉन्च किया है. अब फेसबुक भी आपके पेज पर अपलोड किए गए वीडियोज पर एड दिखाएगा और इसके बदले पैसे देगा. हालांकि इसका फायदा उठाने की खातिर आपको
कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी. फेसबुक ने अपने एक आधिकारिक ब्लॉग में इसकी जानकारी दी है. इसमें कंपनी ने वे शर्तें भी बताई हैं. जिन्हें आपको पूरा करना होगा. इस प्रोग्राम की पहली शर्त यह है कि इसका फायदा आप सिर्फ अपने फेसबुक पेज
के जरिये उठा सकते हैं. इसका मतलब यह है कि आप अपने फेसबुक आईडी के जरिये
इसका फायदा नहीं उठा पाएंगे.
आप अपने पेज पर जो भी वीडियोज डालें. वे वीडियोज 3 मिनट से छोटे नहीं होने
चाहिए. अगर अवधि इससे छोटी होगी, तो वे वीडियोज इस प्रोग्राम के लिए
एलिजिबल नहीं होंगे. जब आप 3 मिनट या उससे ज्यादा अवधि के वीडियो डालते हैं, तो उन पर 30 हजार
से ज्यादा 1 मिनट व्यूज होने चाहिए. इसके लिए दो महीने का समय तय किया गया
है. इसका मतलब है कि हर वीडियो पर आपके एक व्यूवर की तरफ से कम से कम एक मिनट वॉचटाइम होना चाहिए.इस प्रोग्राम की चौथी शर्त फेसबुक फॉलोवर्स को लेकर है. फेसबुक के मुताबिक आपके पेज पर कम से कम 10 हजार फॉलोवर्स होने चाहिए. सबसे आखिरी और अहम शर्त यह है कि इस प्रोग्राम का फायदा आपको तब ही मिलेगा, अगर यह आपके देश में लॉन्च हो चुका है. फिलहाल इस कार्यक्रम को यूएस, यूके, आयरलैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया
में शुरू किया गया है. सितंबर महीने में यह कुछ और देशों में शुरू किया
जाएगा. इसके बाद इसे अन्य देशों और अंग्रेजी के अलावा अन्य भाषाओं के लिए
लॉन्च किया जाएगा.
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