Thursday, November 8, 2018

गुजरात सरकार ने कहा, 'अहमदाबाद का नाम कर्णावती करने के लिए तैयार'

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा फैजाबाद जिले का नाम अयोध्या करने की घोषणा करने के कुछ घंटे बाद गुजरात की सरकार ने मंगलवार को कहा कि वह अहमदाबाद का नाम कर्णावती करने की इच्छुक है, बशर्ते कोई कानूनी बाधा नहीं आए.
उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने गांधीनगर में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार अहमदाबाद का नाम बदलने के लिए तैयार है अगर वह कानूनी बाधाओं को पार कर लेती है और आवश्यक समर्थन हासिल कर लेती है.
पटेल ने कहा,‘लोगों में अब भी ऐसी भावना है कि अहमदाबाद का नाम कर्णावती किया जाना चाहिए. कानूनी बाधाओं को पार करने में अगर हमें आवश्यक समर्थन मिलता है तो हम महानगर का नाम बदलने के लिए हमेशा तैयार हैं.’बता दें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को घोषणा की कि फैजाबाद जिला अब से अयोध्या के नाम से जाना जाएगा. इससे पहले उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद का नाम बदल कर प्रयागराज किया गया था. 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा,‘अयोध्या हमारी ‘आन, बान और शान’ का प्रतीक है.’ आदित्यनाथ ने कहा,‘कोई अयोध्या के साथ अन्याय नहीं कर सकता है.’ उन्होंने इसके साथ ही कहा कि अयोध्या की पहचान भगवान राम से है. आदित्यनाथ ने दीपावली के अवसर पर आयोजित ‘दीपोत्सव’ में ये बातें कहीं.
उन्होंने अयोध्या में भगवान राम के नाम पर एक नया हवाई अड्डा और भगवान राम के पिता राजा दशरथ के नाम पर जिले में एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना की भी घोषणा की. 
आदित्यनाथ ने ‘कथा पार्क’ में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा,‘दीपोत्सव नई परंपरा शुरू करता है.’ कथा पार्क में आयोजित कार्यक्रम में दक्षिण कोरिया कोरिया की प्रथम महिला किम जुंग-सुक भी शामिल हुईं. इस अवसर पर ‘राम की पैड़ी’ के पुन: विकास और सौंदर्यीकरण और सरयु नदी में मलजल प्रवाहित करने पर रोक लगाने समेत कई परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया.
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने सिग्नेचर ब्रिज के उद्घाटन समारोह में हंगामा के मामले में मंगलवार को तीन मामले दर्ज किए. इसमें एक मामला सत्तारूढ़ आप के विधायक अमानतुल्ला खान के खिलाफ भी है. छानबीन के लिए मामलों को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के पास भेज दिया गया है. 
दिल्ली पुलिस ने एक बयान में कहा कि सिग्नेचर ब्रिज के उद्घाटन के दौरान हुई घटनाओं के मामले में उत्तर पूर्वी जिले के तहत न्यू उस्मानपुर थाने में तीन मामले दर्ज किए गए. दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मनोज तिवारी, उनके सहयोगी बी एन झा और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता तौकीर की शिकायतों पर मामले दर्ज किये गए. बयान में कहा गया,‘सभी तीनों मामले आगे जांच के लिए अपराध शाखा के पास भेज दिए गए हैं.’
प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि खान ने उन्हें धक्का दिया और उन्हें गोली मार देने की धमकी दी. इससे पहले दिन में, दिल्ली के गृह मंत्री सत्येंद्र जैन ने सिग्नेचर ब्रिज उद्घाटन पर हिंसा में कथित तौर पर संलिप्त रहने वाले बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी के खिलाफ अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को पुलिस शिकायत दर्ज कराने का निर्देश दिया.
अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) मनोज परीदा को लिखी अपनी टिप्पणी में जैन ने कहा है कि समारोह में सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को भयभीत करने के लिए तिवारी और उनके सहयोगी हुड़दंग मचाने में शामिल थे. इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और कैबिनेट के अन्य मंत्री उपस्थित थे.
जैन ने कहा कि मनोज तिवारी और उनके सहयोगी गैरकानूनी तरीके से एकत्र हुये थे और मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद पर हमला करने और नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से जबर्दस्ती मंच तक पहुंच गये और हंगामा किया, व्यवधान डाला और लोकसेवक पर हमला किया. 
टिप्पणी में कहा गया है,‘इसलिए गृह मंत्रालय को सीपी (पुलिस आयुक्त) और संबंधित डीसीपी/थाने में मनोज तिवारी और उनके सहयोगियों के खिलाफ एक औपचारिक शिकायत तत्काल दायर कराने का निर्देश दिया जाता है....’
रविवार को नव निर्मित सिग्नेचर ब्रिज के उद्धाटन समारोह में आप के सदस्यों और पुलिस के साथ तिवारी और उनके समर्थकों की कथित तौर पर हाथापाई हो गई थी. बीजेपी नेता इलाके का सांसद होने के बावजूद उद्धाटन में कथित तौर पर नहीं बुलाये जाने पर अपना विरोध करने के लिए समारोह स्थल पर पहुंचे थे.